Behaviour Of Gases
Behaviour Of Gases

It is very important to understand the Behaviour Of Gases. The behaviour of gases gives a vivid concept to the students of Class 10 or the students going to appear in board examination.

गैसों के व्यवहार को समझना बहुत महत्वपूर्ण है। Behaviour Of Gases कक्षा 10 के छात्रों या जाने वाले छात्रों को एक ज्वलंत अवधारणा देता है।

1. गैसों पर दबाव तथा तापक्रम का प्रभाव के बारे में क्या जानते हो?

गैसों पर दबाव का प्रभाव :- गैस का तापक्रम स्थिर रखकर जब उस पर दबाव बढ़ाया जाता है तो उसका आयतन कम हो जाता है और गैस का घनत्व बढ़ जाता है ।

 तापक्रम का प्रभाव:- स्थिर दबाव पर जब गैसों का  तापक्रम को बढ़ाया जाता है तो उसका आयतन बढ़ता है और तापक्रमके घटने से गैस के आयतन घटना है ।

2. आदर्श गैसों की गति सिद्धांत लिखें।

 आदर्श गैसों के समाने गुणों की व्याख्या करने के लिए कुछ अनुमान(assumption/postulates)किए गए जिन्हें  गैसों के अणु गति सिद्धांत के अनुमान कहते हैं । ये निम्नलिखित हैं-

  1. गैसें अति सूक्ष्म कणों से बनी होती हैं जिन्हें अणु कहते हैं। किसी भी गैस के अणु भार व अन्य गुणों में समानता होती है।
  2. प्रत्येक गैस के अणु सभी दिशाओं में तीव्र वेग से लगातार अनियमित गति करते रहते हैं।
  3. अणु सीधी रेखा में गति करते हैं और एक दूसरे से तथा पात्र की दीवारों से टकराते रहते हैं । इन टक्करों के कारण इनकी गति की दिशा बदलती रहती है।
  4. गैस का दाब गैस के अणु की पात्र की दीवारों से टक्कर होने के कारण होती है ।
  5. गैस से अणुओं के मध्य आकर्षण बल नगण्य होता है।

3. आदर्श गैस और वास्तविक गैस किसे कहते हैं?

आदर्श गैस(Ideal Gases):- वे गैसें  जो संयुक्त रूप से बॉयल तथा चार्ल्स के नियमों का पालन करती हैं, उन्हें आदर्श गैस कहते हैं। लेकिन कोई भी ऐसा गैस नहीं है जो बॉयल तथा चार्ल्स के नियमों को संयुक्त रूप से पालन करती हैं। अतः आदर्श गैस एक कल्पना मात्र हैं।

 वास्तविक गैस(Real Gas):- वे गैसें जो संयुक्त रूप से बॉयल तथा चार्ल्स के नियमों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें वास्तविक गैस कहते हैं। सभी परिचित गैसें जैसे हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड वास्तविक गैसें हैं।

4. बॉयल के नियम लिखो और उसकी व्याख्या करो।

बायल का नियम (Boyle’s Law):- “ स्थिर तापमान पर किसी गैस की निश्चित मातका आयतन उस पर आरोपित दबाव का विलोमानुपाती होता है ।“

व्याख्या:- माना t° C तापमान पर किसी निश्चित मात्रा वाली गैस का दबाव P और आयतन V हो तो बॉयल के नियम के  अनुसार,

V ∝ 1/P ( जबकि गैस की मात्रा और तापमान स्थिर हो। )

=> V = K (1/V) ,जहां K एक स्थिरांक है ।

=> PV = K

 यदि किसी निश्चित तापक्रम पर गैस का दबाव क्रमशः P1, P2, P3….आदि और गैसों का आयतन क्रमशः V1, V2, V3… आदि हो तो

P1V1 = P2V2 = P3V3 =… =  K

अर्थात निश्चित आप क्रम पर किसी निश्चित मात्रा वाली गैस का आयतन तथा दबाव का गुणनफल हमेशा स्थिर होता है।

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5. चार्ल्स का नियम (Charles' Law) और उसकी व्याख्या करो।

चार्ल्स का नियम(Charles’ Law):- स्थिर दबाव पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन तापमान के 1°C बढ़ने या घटने से अपने 0°C वाले आयतन का 1/273 वा भाग क्रमशः बढ़ या घट  जाता है ।

व्याख्या:- माना स्थिर दबाव पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन 0°C पर V0, 1°C पर V1, 2°C पर V2  तथा t°C पर Vt है ।

1°C पर गैस का आयतन (V1)= V0 + 1× (V0 /273) = V0 (1 + 1/273)

2°C पर गैस का आयतन ((V2 )= V0+ 2× (V0 /273) = V0 (1 + 2/273)

t°C पर गैस का आयतन (Vt )= V0+ t×( Vt /273) = V0 (1 + t/273)

इसीप्रकार,

-1°C पर गैस का आयतन (V-1)= V0 + (-1)× (V0 /273) = V0 (1 – 1/273)

6. परम शून्य (Absolute Zero) क्या है?

परम शून्य (Absolute Zero):- चार्ल्स का नियम(Charles’ Law) के अनुसार-273°C पर सभी गैसों का आयतन गणितीय रूप से शून्य हो जाता है, इसे परम शून्य कहते हैं । परम शून्य (Absolute Zero) का मान -273°C होता है ।

गैसों के अणुगति सिद्धांत पर परम शून्य (Absolute Zero) वह तापमान है जिस पर अणुओं की गति लगभग बंद हो जाती है ।

Note:-

A] Absolute Zero Temperature की प्राप्ति (attainment) असम्भव है : इसका कारण यह है कि -273°C तापक्रम तक पहुँचने के पूर्व ही सभी गैसें संघनित (condensed) होकर तरल में अथवा जमकर ठोस में परिवर्तित हो जाती हैं। तरल और ठोस के सन्दर्भ में चार्ल्स का नियम लागू नहीं होता। इसीलिए -273°C अर्थात् परम शून्य तापक्रम को पाना सम्भव नहीं है।

B] परम तापक्रम से निम्न मान का तापक्रम काल्पनिक है : चार्ल्स के नियम से, स्थिर दबाव पर, -273°C तापक्रम पर सभी गैसों का आयतन शून्य हो जाता है।-273°C से अधिक तापक्रम पर गैस का अस्तित्व सम्भव है, किन्तु -273°C से निम्न तापक्रम पर आयतन का मान ऋणात्मक (negative) हो जाता है। आयतन का मान ऋणात्मक हो ही नहीं सकता। अतः ब्रह्माण्ड में वस्तुतः -273°C तापक्रम (परम शून्य या परम तापक्रम) से निम्न मान के तापक्रम का अस्तित्व असम्भव है।

C] Absolute Zero Temperature(परम शून्य तापक्रम) को ‘परम’ कहा जाता है  – इसका कारण यह है कि, -273°C तापमान से कम मान के तापक्रम का ब्रह्माण्ड में कहीं भी अस्तित्व नहीं है। इसके अतिरिक्त तापक्रम का यह मान पदार्थ के किसी विशेष गुण पर निर्भर नहीं करता । इसलिए -273°C को ‘ परम’ या ‘चरम’ या ‘निरपेक्ष’ (absolute) तापक्रम कहते हैं। [ O°C या O°F को ‘ परम शून्य’ नहीं कहा जा सकता, क्योंकि किसी वस्तु का तापक्रम O°C या O°F से निम्न मान का होना सम्भव है।

7. परम तापमान पैमाना (Absolute TemperatureScale) क्या है?

परम तापमान पैमाना (Absolute Temperature Scale): – तापमान मापने का वह पैमाना जिसमे -273°C को शून्य माना जाता है, परम ताप पैमाना कहलाता है । -273°C को परम शून्य तापमान कहते हैं ।

8. समान्य तापमान और दबाव (STP) क्या है?

 समान्य तापमान और दबाव (Standard Temperature and Pressure):- 0°C (273 K) को समान्य तापमान कहते हैं । जब बेरोमीटर में पारे की ऊंचाई 760 mm रहती है तब उस वायुमंडलीय दाब को समान्य  दबाव कहते हैं । अतः 0°C (273 K) ताप को और 760 mm दाब को समान्य तापमान और दबाव (Standard Temperature and Pressure) कहते हैं । STP को NTP(Normal Temperature and Pressure) भी कहते हैं ।

9. एवोगैड्रो की परिकल्पना (Avogadro's Hypothesis) की लिखो और व्याख्या करो।

एवोगैड्रो की परिकल्पना (Avogadro’s Hypothesis):- समान दबाव और समान तापक्रम पर सभी गैसों के समान आयतन में उनके अणुओं  की संख्या समान होती है।

Avogadro’s Hypothesis से,

V ∝ n  , ( P और T स्थिरांक है ।)

=> V = k n , k स्थिरांक(constant) है ।

व्याख्या:- एवोगैड्रो की परिकल्पना  के अनुसार समान तापक्रम और समान दबाव पर यदि 1cc ऑक्सीजन में अणुओं की कुल संख्या n है, 1cc क्लोरीन, 1cc कार्बन डाइऑक्साइड तथा 1cc अमोनिया में भी अणुओं की कुल संख्या n होगी । अर्थात तापक्रम और दबाव समान एक ही रखा जाए और आयतन भी समान लिया जाए तो किसी भी गैस(मौलिक या यौगिक) में उपस्थित अणुओं की संख्या समान होगी।

9. एवोगैड्रो संख्या (Avogadro Number) क्या है?

एवोगैड्रो संख्या (Avogadro Number):- किसी पदार्थ(तत्व या यौगिक) के एक ग्राम अणु (या एक मोल) में उपस्थित अणुओं की संख्या को एवोगैड्रो संख्या कहते हैं। इसका मान 6.022×1023 होता है।

एवोगैड्रो की संख्या को N अक्षर द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इसका मान सभी पदार्थों के लिए समान और स्थिर होता है। एवोगैड्रो की संख्या पर तापक्रम और दबाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।इसका कारण यह है कि तापमान या दबाव में परिवर्तन करने पर गैस के आयतन में परिवर्तन होता है किंतु गैस की मात्रा और अणुओं की संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

नोट :-  वैज्ञानिक मिलिकान प्रयोग द्वारा इलेक्ट्रॉन के आवेश की सहायता से एवोगैड्रो की संख्या का मान ज्ञात किया था। एवोगैड्रो संख्या= 1 फैराडे / 1इलेक्ट्रोन का आवेश

= 96500 कूलंब/ 1.602×10-19 कूलंब =  6.022×1023

10. गे-लुसाक का नियम क्या है?

गे-लुसाक का नियम(Gay -Lussac’s Law of Gaseous Volume):- जब गैसें परस्पर अभिक्रिया करती हैं तो उनके क्रिया कारकों के आयतन और अभिक्रिया में बने जैसे पदार्थों के आयतन में सरल अनुपात होता है।

11. चार्ल्स के नियम से परम शून्य तापक्रम कैसे प्राप्त किया जाता है?

चार्ल्स के नियम से परम शून्य तापक्रम:-

माना स्थिर दबाव पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन 0°C पर V0, 1°C पर V1, 2°C पर V2  तथा t°C पर Vt है ।

1°C पर गैस का आयतन (V1)= V0 + 1× V0 /273 = V0 (1 – 1/273)

-1°C पर गैस का आयतन (V2)= V0 +(- 1)× (V0 /273) = V0 (1 – 2/273)

-2°C पर गैस का आयतन (Vt)= V0 + (-2)× Vt /273 = V0 (1 –  2/273)

इसीप्रकार,

-273°C पर गैस का आयतन (V-273)= V0 + (-273)× V0 /273 = V0 (1 – 273/273) = V0 (1 – 1 )= 0

इसी प्रकार, चार्ल्स के नियम से हम देखते हैं कि – 273°C पर गैस का आयतन गणितीय रूप से शून्य हो जाता है। इसीलिए -273 डिग्री को परम शून्य तापक्रम (Absolute Zero Temperature) कहते हैं।

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  4. Current Elrctricity |PHYSICAL SCIENCE WBBSE CLASS 10
  5. Electricity And Chemical Reaction- https://skstudypointsiliguri.com/electricity-and-chemical-reaction/

12. सार्वभौम गैस स्थिरांक (Universal Gas Constant) क्या है?

सार्वभौम गैस स्थिरांक:- गैस समीकरण के अनुसार हम जानते हैं,

PV =KT

 यहां गैस स्थिरांक K के गैस की मात्रा पर निर्भर करता है। यदि इसे K=nR (जहां n गैस की मोल में व्यक्त मात्रा है) हो तो

PV/T = nR

=> PV = nRT

इसमें स्थिरांक R का मान सभी आदर्श गैस के लिए तथा सभी परिस्थितियों में एक समान होता है। इसे सार्वभौम स्थिरांक(Universal Gas Constant/Gas Constant) कहा जाता है।

13. ​​एक आदर्श व्यवहार से वास्तविक गैसों के विचलन (deviation) के कारणों को लिखें।

आदर्श व्यवहार से वास्तविक गैसों के विचलन के कारण निम्न हैं –

  1. अणुओं का आयतन छोटा लेकिन परिमित होता है।
  2. अंतर आणविक बल (intermolecular forces) की उपस्थिति।

किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन 0 डिग्री सेल्सियस(0°C) पर भी हो तो चार्ल्स के नियम के अनुसार t डिग्री सेल्सियस पर उस गैस का आयतन पर होता है

Vt = V0(1 +t /273)

इसलिए, -273°C , उस गैस का आयतन= Vt = V0[ 1 + ( -273 /273) ] = V0 (1 – 1 )  = 0

 अतः चार्ल्स के नियम के अनुसार किसी गैस का आयतन – 273°C पर 0 होता है और यह परम शून्य ताप मान कहलाता है।

15. क्या किसी गैस का आयतन वास्तव में परम शून्य तापमान पर शून्य हो जाता है?

चार्ल्स के नियम के अनुसार किसी गैस का आयतन परम शून्य तापमान -273 डिग्री सेल्सियस पर शून्य हो जाता है । लेकिन वास्तविकता में ऐसा होना संभव नहीं है क्योंकि इस तापमान पर पहुंचने के पहले ही गैस तरल(liguid) में बदल जाता है और चार्ल्स का नियम द्रवों (liquids) के लिए लागू नहीं होता है।

16. फारेनहाइट स्केल में परम शून्य मान को ज्ञात करो।

C / 5 = ( F-32 ) /9

=> F   = 9 C / 5   + 32 

            = 9 (-273) / 5   + 32

            = -2457 / 5 + 32

            = – 491.4 – 32

            = – 459.4

17. किसी गैस को आदर्श गैस के लिए किन किन शर्तों का होना आवश्यक है?

किसी गैस को आदर्श गैस के लिए निम्न शर्तों का होना आवश्यक है:-

  1. किसी भी स्थिति में गैस को पूर्णतः बॉयल का नियम और चार्ल्स का नियम को मानना होता है।
  2. गैसों के अणुओं के बीच होने वाले आपसी टक्कर(collision)के फलस्वरुप यांत्रिक ऊर्जा की क्षति(loss) नहीं होनी चाहिए अर्थात यान्त्रिक ऊर्जा हमेशा स्थिर रहता है।

18. बॉयल के नियम और चार्ल्स के नियम में गैस की निश्चित मात्रा का उल्लेख क्यों किया जाता है?

बॉयल और चार्ल्स के नियम में गैस की निश्चित मात्रा का उल्लेख किए जाने का कारण यह है कि गैस की मात्रा पर ही गैस का आयतन और दबाव निर्भर करता है। स्थिर तापक्रम और स्थिर दबाव पर गैस की मात्रा में परिवर्तन करने से आयतन बदल जाता है। ठीक इसी प्रकार स्थिर तापक्रम और आयतन पर गैस की मात्रा बढ़ाने से दबाव बढ़ जाता है और मात्रा घटाने से दबाव घट जाता है।

19. शुष्क वायु और नम(आद्र) वायु में कौन हल्की होती है और क्यों?

नम वायु, शुष्क वायु से हल्की होती है क्योंकि शुष्क वायु में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और अल्प मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड होती है। नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का वाष्प घनत्व क्रमशः 14, 16 और 21 होता है। नम वायु में इन गैसों के अलावे जल वाष्प होता है जिसका वाष्प घनत्व 9 होता है जो बहुत ही कम है। इस कारण नाम वायु, शुष्क वायु से हल्की होती है।

20. आदर्श गैस और वास्तविक गैस में अंतर स्पष्ट करो।

आदर्श गैस

1. आदर्श गैस समीकरण को किसी दबाव तथा तापमान पर मानता है।

2. आदर्श गैस के अणुओं का आयतन नगण्य होता है।

3. आदर्श गैसों के अणुओं के बीच इंटरमॉलिक्युलर फोर्स नहीं होता है।

4. आदर्श गैस के अणुओं का ऊर्जा केवल गतिज ऊर्जा ही होता है।

वास्तविक गैस

1. वास्तविक गैस निम्न दबाव या उच्च तापमान पर सी गैस समीकरण को मानता है।

2. वास्तविक गैस के अणुओं का आयतन नगण्य नहीं माना जाता है।

3. वास्तविक गैसों के अणुओं के बीच अंतर आणविक बल होता है ।

4. वास्तविक गैसों के अणु का ऊर्जा स्थितिज तथा गतिज ऊर्जा का योगफल होता है।

21. जब एक बैलून में हवा भरा जाता है, तब उसका दबाव और आयतन बढ़ता है। क्या यहां बॉयल का नियम उल्लंघन होता है?

जब बैलून के अंदर कुछ हवा भरते हैं तो उसका दबाव और आयतन दोनों ही बढ़ जाता है। लेकिन यहां  बायल के नियम का उल्लंघन नहीं होता है । इसका कारण यह है कि बायल के नियम गैस के स्थिर मात्रा के लिए ही लागू होता है। जब बैलून के अंदर हवा भरते हैं तो बैलून के अंदर हवा की मात्रा स्थार नहीं रहती हैं बल्कि बढ़ती हैं। फलस्वरुप गैस का आयतन और दबाव दोनों बढ़ जाते हैं।

22. जल के भीतर गहराई में एयर बबल(air bubble) ऊपर की ओर जाता है तब क्यों एयर बबल का आयतन बढ़ता है?

जल के भीतर जब कोई जाता है तो जल का दबाव ज्यादा होता है। अतः जब एयर बबल (हवा का बुलबुला) ऊपर की ओर गहराई से जल के भीतर से आता है तब जल का आयतन क्रमाशः घटता जाता है। मान लेते हैं कि तापमान जल के भीतर समरूप है।अतः बॉयल के नियम के अनुसार जब गहराई से एयर बबल(हवा का बुलबुला) ऊपर की ओर आता है, तो इसका आयतन दबाव का  व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) होता है। फलस्वरुप जैसे-जैसे दबाव घटता है, जल के भीतर Air Bubble का आयतन बढ़ता है।

23. बॉयल के नियम के अनुसार P-V ग्राफ का अंकन करो।

स्थित तापक्रम पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन और दबाव को ग्राफ पर खींचा गया। यहां V को abscissa के साथ और P को ordinate के साथ P-V ग्राफ खींचा गया । यही बॉयल के नियम का P-V ग्राफ है। इस ग्राफ में वक्र( curve) की प्रकृति आयताकार हाइपरबोला(Rectangular Hyperbola) है।

Boyle's Law P-V Graph

24. बॉयल के नियम के अनुसार PV-P ग्राफ का अंकन करो।

स्थिर तापक्रम पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन और दबाव को ग्राफ पर खींचा जाने पर यदि Abscissa के रूप में दबाव(P) को और Ordinate के रूप में दबाव और आयतन के गुणनफल(PV) को लिया जाए तो निम्न बॉयल के नियम के अनुसार PV-P ग्राफ प्राप्त होता है।

 इसकी प्रकृति सरल रेखा के रूप में होती है और यह दबाव अक्ष (Pressure axis) के समानांतर होता है।

Boyle's Law PV-P Graph

25. चार्ल्स के नियम के अनुसार V-T ग्राफ का अंकन करो।

-किसी गैस के परम तापमान को भुज(abscissa) और किसी गैस के आयतन को कोटी(ordinate) मानकर जब ग्राफ को अंकित किया जाता है तो वह ग्राफ एक सरल रेखा(Straight Line) प्राप्त होती है। यदि इस ग्राफ को पीछे(backward) की ओर बढ़ाया जाता है तो यहां मूल बिंदु(Origin)को छूती है।

 अतः चार्ल्स के नियम के अनुसार 0 K(-273 °C) पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन शून्य हो जाता है, जो वास्तव में संभव ही नहीं है।

Charles' Law V-T Graph

26. तापमान के परम पैमाने के अनुसार चार्ल्स का नियम लिखिए।

यदि किसी दिए गए द्रव्यमान की किसी भी गैस का आयतन 0 ° C तापमान पर Vo है, तो चार्ल्स के नियम के अनुसार, स्थिर दाब और t1 ° C  पर गैस का आयतन  हो जाता है

V1= V0 + t1 × (V0 /273) = V0 (1 + t1 /273) = V0 (273 + t1 )/273 =  (T1 /273) V0 …….(1)

जहां T1, absolute scale पर t1 ° C तापमान का रीडिंग ( reading) है।

 इसी प्रकार, स्थिर दाब और t2 ° C तापमान पर समान गैस का आयतन बनता है

V2= V0 + t2 × (V0 /273) = V0 (1 + t2 /273) = V0 (273 + t2 )/273 =  (T2 /273) V0 …….(2)

जहां T2, absolute scale पर t2 ° C तापमान का रीडिंग (reading) है।

अब, समीकरणों (1) और (2) को विभाजित करते हुए, हम प्राप्त करते हैं,

V1 / V2 = T1 / T2 या, V1 / T1 = V2 / T2 या, V / T = स्थिरांक

V ∝ T

 अतः स्थिर दबाव (constant pressure) पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन , परम तापमान (absolute temperature) का विलोमानुपाती (directly proportional)  होता है । 

यह Charles’ law का एक वैकल्पिक रूप (alternative form ) है।

27. आदर्श गैस समीकरण क्या है?

आदर्श गैस समीकरण(Ideal Gas Equation):-

माना P= गैस का दबाव,  V=गैस का आयतन,  T= गैस का तापक्रम(Kelvin में), n = मोल की संख्या तो हम लिख सकते हैं,

Boyle’s Law से,

V ∝ 1/P , ( T और n स्थिरांक है ।)………(1)

Charles’ Law से ,

V ∝ T  , ( P और n स्थिरांक है ।)………(2)

Avogadro’s Hypothesis से

V ∝ n  , ( P और T स्थिरांक है ।) ………(3)

By combining three variations (तीनों को मिलाने से),

अतः V ∝ nT / P जहाँ P, T और n चल राशि (variables ) हैं ।

=> V = nRT / P , जहाँ R Molar Gas Constant या Universal Gas Constant है ।

=> PV = nRT

n मोल के गैस के लिए यह आदर्श गैस समीकरण(Ideal Gas Equation) /अवस्था का समीकरण (Equation Of State) कहलाता है।

28. विज्ञान के विभिन्न शाखाओं में एवोगैड्रो की संख्या का निम्नलिखित योगदान (महत्व) को उल्लेख करो।

विज्ञान के विभिन्न शाखाओं में एवोगैड्रो की संख्या का निम्नलिखित योगदान है:-

किसी पदार्थ के एक मोल में उपस्थित मूल कणों की संख्या हमेशा एक समान रहती है। इस संख्या को एवोगैड्रो की संख्या कहते हैं। इसका मान 6.02214 076 ×1023 या 6.022×1023 होता है।

  1. एवोगैड्रो के नियम के आधार पर अणु और परमाणु की अवधारणा को स्पष्ट किया गया।
  2. परमाणु का वास्तविक मात्रा (mass) को ज्ञात करने में एवोगैड्रो संख्या मदद करता है ।

        जैसे- H परमाणु की मात्रा = 1.008 /6.022×1023 ग्राम = 1.67358× ×1024 ग्राम

  1. एवोगैड्रो संख्या पदार्थ की मात्रा को कणों की संख्या से संबंधित करके स्थूल दुनिया (Macroscopic World) तथा सूक्ष्म दुनिया (Microscopic World) के बीच एक पुल बनाता है ।
  2. एवोगैड्रो संख्या विभिन्न भौतिक स्थिरांक तथा भौतिक गुणों के बीच संबंध स्थापित करता है ।

         उदाहरण:-  Gas Constant (R) = Boltzmann Constant × Avagodro’s Number

  1. इस नियम से यह ज्ञात हुआ कि निष्क्रिय गैसों को छोड़कर अन्य तत्व गैसें द्वीपरमाणविक होते हैं तथा गैसीय पदार्थ का अनुभव उसके वाष्प घनत्व का दोगुना होता है।
  2. NTP पर सभी गैसों का एक मोल का ग्राम आणविक का आयतन समान(22.4 lt) होता है।

29. आदर्श गैस समीकरण के आयामी विश्लेषण(Dimensional Analysis) द्वारा R की इकाई की गणना करें।

आदर्श गैस समीकरण के आयामी विश्लेषण(Dimensional Analysis) द्वारा R की इकाई की गणना:- 

PV =  nRT

=> nRT = PV

=> R = PV / nT

[R]  = [P] [V] / [n] [T]

       = [F] / [L2] × [L3] / [n] [T]

       = [F] × [L] / [n] [T]

[R] = [W] / [n] [T] , जहाँ W = F D

गैस स्थिरांक की इकाई = कार्य की इकाई /( मोल की इकाई × तापक्रम की इकाई )

                                       = J / (mol × K)

                                       = J mol -1 K-1

Very short Answer Type QUESTIONS

Properties Of Gases

Behaviour of Gases is chapter from Common To Both /Group B. Hope you are enjoying this chapter Behaviour Of Gases very much.

गैसों का व्यवहार Common To Both / /Group B का अध्याय है। आशा है कि आप इस अध्याय Behaviour of Gases का बहुत आनंद ले रहे हैं।

1. कंटेनर में संलग्न हवा के दबाव को मापने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है।

– मैनोमीटर

2. पास्कल किस भौतिक मात्रा की इकाई है?

– दबाव

3. गैस का दबाव किन कारकों पर निर्भर करता है?

– गैस का दबाव इसके द्रव्यमान की मात्रा और तापमान पर निर्भर करता है।

4. निरंतर दबाव पर गैस की एक निश्चित मात्रा का आयतन किस कारक पर निर्भर करता है?

– निरंतर दबाव पर एक निश्चित मात्रा में गैस का आयतन गैस के तापमान पर निर्भर करता है।

5. बॉयल के नियम में स्थिरांक का उल्लेख करें।

 -बॉयल के नियम में स्थिरांक हैं- गैस का द्रव्यमान और तापमान।

6. चार्ल्स के नियम में स्थिरांक का उल्लेख करें।

– चार्ल्स के नियम में स्थिरांक हैं- गैस का द्रव्यमान और गैस का दबाव।

7. परम तापमान पैमाना (Absolute Temperature Scale) पर पानी के हिमांक का मान कितना होता है?

 – परम तापमान पैमाना (Absolute Temperature Scale) में पानी का हिमांक 273 K है।

8. परम तापमान पैमाना (Absolute Temperature Scale) पर पानी के क्वथनांक का मान क्या है?

 – परम तापमान पैमाना (Absolute Temperature Scale) में पानी का क्वथनांक 373 K है।

9. चार्ल्स नियम के अनुसार V-t ग्राफ की प्रकृति क्या है?

 – – 273 K पर चार्ल्स के नियम के अनुसार V-t  ग्राफ x अक्ष को सीधा करने वाली एक सीधी रेखा (straight line) है।

10. चार्ल्स के नियम के अनुसार V-T ग्राफ की प्रकृति क्या है?

– चार्ल्स के नियम के अनुसार V-T ग्राफ की प्रकृति मूल से गुजरने वाली एक सीधी रेखा है।

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11. क्या परम तापमान की तुलना में तापमान कम होना संभव है?

– नहीं, परम तापमान से कम तापमान होना संभव नहीं है।

12. परम शून्य तापमान पर एक आदर्श गैस का आयतन क्या होगा?

– परम शून्य तापमान पर एक आदर्श गैस की मात्रा शून्य होती है।

13. क्या किसी गैस का परम शून्य तापमान उसकी प्रकृति, द्रव्यमान, आयतन या दबाव पर निर्भर करता है?

– नहीं, गैस का परम शून्य तापमान इसकी प्रकृति, द्रव्यमान, आयतन या दबाव पर निर्भर नहीं करता है।

14. सेल्सियस पैमाने में 400 K का मान क्या है?

– सेल्सियस पैमाने में 400 K का मान = (400 – 273) ° C = 127 ° C

15. कम तापमान या उच्च तापमान पर, क्या वास्तविक गैसें लगभग PV = KT के समीकरण का अनुसरण करती हैं?

-Real गैसें मोटे तौर पर उच्च तापमान पर PV = KT के समीकरण का पालन करती हैं।

16. क्या मोलर आयतन का मान गैस की प्रकृति पर निर्भर करता है?

– नहीं, मोलर मात्रा का मान गैस की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता है।

17. मोलर आयतन का मान किस कारक पर निर्भर करता है?

– मोलर आयतन का मान गैस के दबाव और गैस के तापमान पर निर्भर करता है।

18. STP पर किसी भी वास्तविक गैस के मोलर आयतन का सीमित मान(limiting value) क्या है?

– STP पर किसी भी वास्तविक गैस के मोलर आयतन का सीमित मान (limiting value ) 22.4 लीटर या 22400 मिलीलीटर है।

19. परमाणुओं और अणुओं के बीच अंतर करने वाला पहला वैज्ञानिक कौन था?

– एवोगैड्रो परमाणुओं और अणुओं के बीच अंतर करने वाला पहला वैज्ञानिक है।

20. शुष्क और गीली हवा के बीच, किसका घनत्व कम होता है?

– गीली हवा में शुष्क हवा की तुलना में कम घनत्व होता है।

21. क्या गैस के अणुओं की गतिज ऊर्जा में पूरी तरह से लचीला (elastic) टकराव में कोई परिवर्तन होता है।

– एक पूरी तरह से लचीला टक्कर में, गैस अणुओं की गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है।

22. STP पर 22.4 लीटर गैस में अणुओं की संख्या होती है?

– STP पर 22.4 लीटर गैस में अणुओं की संख्या 6.022 × 10 23 है।

23. अंतर-आणविक बलों के आधार पर एक आदर्श गैस और वास्तविक गैस के बीच अंतर क्या है?

 -एक आदर्श गैस के मामले में अंतर-आणविक बलों का मूल्य शून्य है, वास्तविक गैस के मामले में ऐसा नहीं है।

24. गैस के n मोल के लिए आदर्श गैस समीकरण लिखिए।

गैस के n मोल के लिए आदर्श गैस समीकरण: – PV = nRT

25. एक गैस के 1 मोल के लिए आदर्श गैस समीकरण लिखिए।

एक गैस के 1 मोल के लिए आदर्श गैस समीकरण: – PV = RT

26. क्या समीकरण PV = nRT सभी आदर्श गैसों के लिए उसी तरह से लागू होता है।

-हाँ, समीकरण PV = nRT सभी आदर्श गैसों के लिए उसी तरह से लागू होता है।

27. CGS प्रणाली और SI प्रणाली में सार्वभौमिक गैस स्थिरांक R की इकाई क्या है?

– CGS प्रणाली और SI प्रणाली में सार्वभौमिक गैस स्थिरांक R की इकाई क्रमशः erg / mol / K और Joule / mol / K हैं।

28. कैलोरी प्रति मोल प्रति केल्विन में सार्वभौमिक गैस स्थिरांक R का मान क्या है?

– कैलोरी प्रति मोल प्रति केल्विन (Cal / mol / K) में सार्वभौमिक गैस स्थिरांक R का मान 1.987 है।

29. लीटर -वायुमंडल प्रति मोल प्रति केल्विन (L -atm / mol / K) में सार्वभौमिक गैस स्थिरांक (Universal Gas Constant) R का मान क्या है?

– लीटर -वायुमंडल प्रति मोल प्रति केल्विन (L -atm / mol / K)  में सार्वभौमिक गैस स्थिरांक R का मान 0.082 है।

30. गैस अणु की ऊर्जा की प्रकृति क्या है?

– गैस के अणुओं में गतिज ऊर्जा होती है।

31.क्या प्रसार गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध हो सकता है?

-हाँ, प्रसार गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध होता है।

32. एक बर्तन के अंदर रहने पर गैस के अणुओं पर शुद्ध आकर्षक बल क्या है?

– गैस के अणुओं पर शुद्ध आकर्षक बल शून्य होता है जब यह एक बर्तन के अंदर रहता है।

33. क्या एक आदर्श गैस को तरल में बदलना संभव है?

 -जैसे कि आदर्श गैस के अणुओं के बीच कोई आकर्षक बल नहीं है, इसलिए एक आदर्श गैस को तरल में बदलना संभव नहीं है।

34. क्या वास्तविक गैस को तरल में बदलना संभव है?

– चूंकि वास्तविक गैस के अणुओं के बीच आकर्षक शक्तियां मौजूद हैं, इसलिए वास्तविक गैस को तरल में बदलना संभव है।

35. गैस समीकरण से क्या समझते हैं?

 किसी गैस के निश्चित मात्रा का आयतन दबाव और परंपरा क्रम में संबंध बताने वाले समीकरण को गैस समीकरण कहते हैं।

36. क्या केल्विन स्केल में तापमान का ऋणात्मक मान पाना संभव है?

 नहीं, केल्विन स्केल में तापमान का ऋणात्मक मान पाना संभव नहीं है।

37. घर से भरे गुब्बारे(ballon) को गर्म करने पर क्या होगा और क्यों?

 गैस से भरे बैलून को गर्म करने पर वह फट जाएगा क्योंकि तापक्रम बढ़ने पर उसका आयतन और दबाव दोनों बढ़ जाता है ।

38. बायल के नियम और चार्ल्स के नियम को सम्मिलित रूप को क्या कहते हैं?

– गैस समीकरण

39. कौन-सा गैस बॉयल का नियम और चार्ल्स का नियम का पूर्ण रुप से पालन करती हैं?

– आदर्श गैस

40. किसी गैस का दबाव किस यंत्र से मापा जाता है?

– किसी गैस का दबाव बैरोमीटर नामक यंत्र से मापा जाता है।

41. चार्ल्स के नियम के अनुसार सेंटीग्रेड स्केल में किस तापमान पर किसी गैस का आयतन शून्य होता है?

 – 273 डिग्री सेल्सियस पर।

42. एक बंद बर्तन में कोई गैस रखी गई है तापमान में बिना कोई परिवर्तन किए इसमें कुछ और गैस डाली गई तो बताइए कि इस के दबाव में क्या परिवर्तन होगा।

– हां, इस के दबाव में परिवर्तन दिखेगा और यह दबाव बढ़ेगा।

43. स्थिर तापक्रम पर किसी गैस की निश्चित मात्रा के आयतन(V) तथा दबाव(P) के ग्राफ की आकृति किस प्रकार की होती हैं तथा उस वक्र को क्या कहते है?

 स्थिर तापक्रम पर किसी गैस की निश्चित मात्रा के आयतन तथा दबाव का ग्राफ का अंकन करने पर एक वक्र(curve) प्राप्त होता है जिसकी आकृति समकोणीय हाइपरबोला(Hyperbola) होती है और इस वाक्य को समतापी वक्र (isotherm) कहते हैं।

44. किन दशाओं में एक वास्तविक गैस एक आदर्श गैस के समान व्यवहार करती है?

– वास्तविक गैसें अत्यधिक तापक्रम और कम दबाव पर आदर्श गैस की तरह काम करती हैं।

45. परम स्केल और सेल्सियस स्केल में क्या संबंध है?

t°C = (t + 273) K

 [NOTE:- सेल्सियस तापमान को परम तापमान (केल्विन) में बदलने के लिए उसमें 273 जोड़ दिया जाता है जबकि परम तापमान को सेल्सियस में बदलने के लिए उसमें से 273 डिग्री घटा दिया जाता है।]

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