कंप्यूटर - एक परिचय

Introduction to Computer

कंप्यूटर क्या है?(What is Computer?)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डाटा तथा निर्देशों को इनपुट के रूप में ग्रहण करता है। उनका विश्लेषण करता है तथा आवश्यक परिणामों को निश्चित प्रारूप में आउटपुट के रूप में निर्गत करता है। या डाटा के भंडारण तथा तीव्र गति और त्रुटि रहित ढंग से उसके विश्लेषण का कार्य करता है।

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी के अनुसार कंप्यूटर एक स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो अनेक प्रकार की तर्कपूर्ण घटनाओं के लिए प्रयोग किया जाता है।

अतः हम कह सकते हैं कि कंप्यूटर वह मशीन है जो डाटा शिकार करता है उसे भंडारित करता है दिए गए निर्देशों के अनुरूप उनका विश्लेषण करता है तथा विश्लेषक परिणामों को आवश्यकतानुसार निर्गत करता है।

डाटा क्या है? (What is data?)

डाटा तथ्यों और सूचनाओं का व्यवस्थित संकलन है।

डाटा को दो प्रकार में विभाजित किया जा सकता है –

1) संख्यात्मक डाटा- यह अङ्को से बना डेटा है जिसमें 0,1,2,….,9 तक अंकों का प्रयोग किया जाता है। इस तरह के डाटा पर हम अंकगणितीय क्रियाएं कर सकते हैं ।
जैसे- विद्यार्थियों का प्राप्तांक, कर्मचारियों का वेतन आदि

2. चिन्हात्मक डांटा- इसमें अक्षरों को तथा चिन्हों का प्रयोग किया जाता है । इसमें अंकगणितीय क्रियाएं नहीं की जा सकती पर इनकी तुलना की जा सकती हैं।
जैसे- कर्मचारियों का पता

सूचना(Information)- डाटा का उपयोगिता के आधार पर किए गए विश्लेषण और संकलन के बाद प्राप्त तथ्यों को सूचना कहा जाता है। आवश्यकता अनुसार सूचना को पुनः प्राप्त करने की विधि सूचना प्राप्ति कहलाती है।

अनुदेश (Instruction)- कंप्यूटर को कार्य करने के लिए दिए गए आदेशों को अनुदेश कहा जाता है।

प्रोग्राम(Program)- कंप्यूटर को दिए जाने वाले अनुदेशों के समूह को प्रोग्राम कहा जाता है।

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कंप्यूटर की विशेषताएं (Characteristics Of Computer)

i) गति(Speed)- कंप्यूटर एक सेकंड में लाखों घटनाएं कर सकता है। किसी मनुष्य द्वारा पूरे साल में किए जाने वाले कार्य को कंप्यूटर कुछ ही क्षण में कर सकता है। कंप्यूटर प्रोसेसर की स्पीड को हार्ट्ज़ (Hertz) से मापते हैं।

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ii) स्वचालित(Automatic)- कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन है जिसमें गणना के दौरान मानवीय हस्तक्षेप की संभावना नगण्य होती है। हालांकि कंप्यूटर को कार्य करने के लिए निर्देश मनुष्य द्वारा ही दिए जाते हैं, पर एक बार आदेश दिए जाने के बाद वह बिना रुके कार्य कर सकता है।

iii) त्रुटि रहित कार्य(Accuracy)- कंप्यूटर की घटनाएं लगभग त्रुटि रहित होती हैं। गणना के दौरान अगर कोई त्रुटि पाई जाती है तो वह प्रोग्राम या डाटा में मानवीय गलतियों के कारण होती है। अगर डाटा और प्रोग्राम सही है तो कंप्यूटर हमेशा सही परिणाम ही देता है। कभी-कभी वायरस के कारण भी कंप्यूटर में त्रुटियां(Errors) आ जाती हैं।

iv) स्थाई भंडारण क्षमता Permanent Storage)- कंप्यूटर में प्रयुक्त मेमोरी को डाटा सूचना और निर्देशों के स्थाई भंडारण के लिए प्रयोग किया जाता है क्योंकि कंप्यूटर में सूचनाएं इलेक्ट्रॉनिक तरीके से संग्रहित की जाती है। अतः सूचना के समाप्त होने की संभावना कम रहती हैं।

v) विशाल भंडारण क्षमता(Large Storage Capacity)- कंप्यूटर के बाह्य और आंतरिक संग्रहण माध्यमों में असीमित डाटा और सूचनाओं का संग्रहण किया जा सकता है। कंप्यूटर में सूचनाएं कम स्थान गिरती हैं और इसके भंडारण क्षमता विशाल और असीमित है।

vi) जल्द निर्णय लेने की क्षमता(Quick Decision)- कंप्यूटर परिस्थितियों का विश्लेषण कर पूर्व में दिए गए निर्देशों के आधार पर तीव्र निर्णय की क्षमता रखता है।

vii) विविधता(Versatility)- कंप्यूटर की सहायता से विभिन्न प्रकार के कार्य संपन्न किए जा सकते हैं। आधुनिक कंप्यूटरों में अलग-अलग तरह के कार्य एक साथ करने की क्षमता है।

viii) पुनरावृति(Repetition)- कंप्यूटर को आदेश देकर एक ही तरह के कार्य बार-बार समान विश्वसनीयता और तीव्रता से कराए जा सकते हैं।

ix) स्फूर्ति(Agility)- कंप्यूटर एक मशीन होने के कारण मानवीय 200 से रहित है। इसे थकान और बोरियत महसूस नहीं होती है और हर बार समान क्षमता से कार्य करती हैं।

x) गोपनीयता(Secrecy)- पासवर्ड के प्रयोग द्वारा कंप्यूटर के कार्य को गोपनीय बनाया जा सकता है। पासवर्ड के प्रयोग से कंप्यूटर में रखें। डाटा कार्यक्रमों को केवल पासवर्ड जानने वाले व्यक्ति ही देख या बदल सकता है।

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  1. कंप्यूटर के कुछ रोचक तथ्य https://skstudypointsiliguri.com/कंप्यूटर-के-कुछ-रोचक-तथ्य/
  2. Internet के बारे में जानकारी https://skstudypointsiliguri.com/internet/
  3. Computer के बारे में जानकारी https://skstudypointsiliguri.com/computer/

कंप्यूटर की सीमाएं(Limitation Of Computer)

i) बुद्धिहीन (No Mind)- कंप्यूटर में स्वयं की सोचने और निर्णय लेने की क्षमता नहीं होती यह केवल दिए गए दिशा-निर्देशों के अंदर ही कार्य कर सकता है।

ii) खर्चीला(Expensive)- कंप्यूटर के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर काफी महंगे होते हैं और इन्हें समय-समय पर आवश्यकता अनुसार परिवर्तित भी करना पड़ता है।

iii) वायरस का खतरा(Immune to Virus)- कंप्यूटर में वायरस का खतरा बना रहता है जो सूचना और निर्देशों को दूषित या समाप्त कर सकता है। यह वायरस कंप्यूटर की भंडारण क्षमता को भी प्रभावित करता है। हालांकि एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर इससे बचा जा सकता है।

iv) विद्युत पर निर्भरता(Dependency on Electricity)- कंप्यूटर अपने कार्य के लिए विद्युत पर निर्भर रहता है तथा इसके अभाव में कोई भी कार्य संपन्न कर पाने में सक्षम नहीं होता है।

कंप्यूटर के अनुप्रयोग(Applications Of Computer)

कंप्यूटर का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। वर्तमान में शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र है जहां कंप्यूटर का प्रयोग नहीं किया जाता है। निम्नलिखित क्षेत्रों में कंप्यूटर का विभिन्न अनुप्रयोग किया जा रहा है:-

i) डाटा प्रोसेसिंग – बड़े और विशाल सांख्यिकीय डेटा से सूचना तैयार करने में कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है। जनगणना, सांख्यिकीय विश्लेषण, परीक्षाओं के परिणाम आदि में इसका प्रयोग किया जा रहा है।

ii) सूचनाओं का आदान प्रदान- भंडारण की विभिन्न पद्धतियों के विकास और कम स्थान गिरने के कारण यह सूचनाओं के आदान-प्रदान के बेहतर माध्यम साबित हो रहे हैं। इंटरनेट के विकास ने तो इसे सूचना का राजमार्ग बना दिया है।

iii) शिक्षा- मल्टीमीडिया के विकास और कंप्यूटर आधारित शिक्षा ने इसे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बना दिया है। डिजिटल लाइब्रेरी ने पुस्तकों की सर्व सुलभता सुनिश्चित की है।

iv) वैज्ञानिक अनुसंधान- विज्ञान के अनेक जटिल रहस्य को सुलझाने में कंप्यूटर की सहायता ली जा रही है। कंप्यूटर में परिस्थितियों का उचित आकलन भी संभव हो पाता है।

v) रेलवे और वायुयान आरक्षण- कंप्यूटर की सहायता से किसी भी स्थान से अन्य स्थानों के रेलवे और बयान के टिकट लिए जा सकते हैं तथा इसमें गलती की संभावना भी नगण्य होती है।

vi) बैंक- कंप्यूटर के अनुप्रयोग में बैंकिंग क्षेत्र में क्रांति ला दी है। एटीएम तथा ऑनलाइन बैंकिंग चेक के भुगतान रुपया गिनना तथा पासबुक एंट्री में कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है।

vii) चिकित्सा- शरीर के अंदर की रोगों का पता लगाने उनका विश्लेषण और निदान में कंप्यूटर का विस्तृत उपयोग हो रहा है। सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एक्सरे तथा विभिन्न जांच में कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है।

viii) रक्षा- रक्षा अनुसंधान, वायु नियंत्रण, मिसाइल, रडार आदि में भी कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है।

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ix) अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी- कंप्यूटर के तीव्र गणना क्षमता के कारण ही ग्रहों उपग्रहों और अंतरिक्ष की घटनाओं का सूक्ष्म अध्ययन किया जा रहा है। कृत्रिम उपग्रहों में भी कंप्यूटर का विशेष प्रयोग हो रहा है।

x) संचार- आधुनिक संचार व्यवस्था कंप्यूटर के प्रयोग के बिना संभव नहीं है। टेलीफोन और इंटरनेट ने संचार क्रांति को जन्म दिया है। तंतु प्रकाशिकी संचरण में कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है।

xi) मनोरंजन- सिनेमा, टेलीविजन के कार्यक्रम वीडियो गेम में कंप्यूटर का उपयोग कर प्रभावी मनोरंजन प्रस्तुत किया जा रहा है। मल्टीमीडिया के प्रयोग ने कंप्यूटर को मनोरंजन का उत्तम साधन बना दिया है।

कंप्यूटर के अनुप्रयोग के प्रभाव ( Impact On Computerisation)

i) समय की बचत-  चूंकि कंप्यूटर के कार्य करने की गति अत्यंत तीव्र है। अतः मनुष्य द्वारा एक साल में पूरा किए जाने वाले कार्य को कंप्यूटर की सहायता से कुछ ही मिनटों में किया जा सकता है।

ii) त्रुटि रहित कार्य- कंप्यूटर के प्रयोग से कार्य में त्रुटि की संभावना नगण्य हो जाती है जो त्रुटि होती भी है। वह गलत दाता या गलत प्रोग्राम का परिणाम है जिसे पहचान कर सही किया जा सकता है।

iii) कार्य की गुणवत्ता- चूंकि कंप्यूटर हर बार समान गुणवत्ता से कार्य करता है। अतः बार-बार एक ही कार्य को करने के पश्चात भी उत्पाद की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं होता है।

iv) कागज की बचत- डाटा संग्रहण के इलेक्ट्रॉनिक विधियों के उपयोग और उनकी विशाल भंडारण क्षमता के कारण कंप्यूटर के प्रयोग से कागज की बचत संभव हो पाती है।

v) बेरोजगारी- यह कंप्यूटर के विस्तृत अनुप्रयोग का नकारात्मक प्रभाव है। यह कंप्यूटर द्वारा सैकड़ों लोगों का कार्य किया जा सकता है जिससे लोगों की जीविका पर प्रभाव पड़ता है। परंतु वैकल्पिक व्यवस्था और समुचित विकास द्वारा इस पर काबू पाया जा सकता है। दूसरी तरफ, कंप्यूटर से संबंधित क्षेत्रों में रोजगार का सृजन भी किया जा सकता है।

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