Constitutional Amendments
Constitutional Amendments

भारतीय संविधान का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है क्योंकि संविधान संशोधन (Constitutional Amendments) संविधान का अभिन्न अंग है । संविधान के भाग 20 (अनुच्छेद 368) में संसद को संविधान में संशोधन की शक्ति दी गई है। संसद द्वारा अब तक किए गए Constitutional Amendments का संक्षिप्त विवरण अधोलिखित है:

1) प्रथम संविधान संशोधन(1951):- 

इस संशोधन को रोमेश थापर बनाम स्टेट ऑफ़ मद्रास एस.सी. के मामले में उच्चतम न्यायालय के विनिश्चय से उत्पन्न कठिनाइयों को दूर करने के लिए पारित किया गया था।

# इसके लिए अनुच्छेद 19 के खंड(2) में निर्बंधन के 3 नए आधार लोग व्यवस्था, विदेशी राज्य के मैत्री संबंध और अपराध करने के लिए उस प्रेरित करना जुड़े गए।

# भूमि विधियों को संवैधानिक संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से इस संशोधन द्वारा संविधान के अंतर्गत नौवीं अनुसूची को जोड़ा गया। इसमें उल्लेखित कानूनों की सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्तियों के अंतर्गत परीक्षा नहीं की जा सकती है। इसके लिए अनुच्छेद 31(अ) और 31(ब) जोड़ा गया।

2) 7 वा संविधान संशोधन (1955):-

# यह संशोधन राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1955 को कार्यान्वित करने के लिए पारित किया गया था इसके द्वारा राज्यों का पुनर्गठन 14 राज्य और संघ शासित क्षेत्रों में किया गया

# साथ ही इसके अनुरूप केंद्र एवं राज्य की विधान पालिकाओं में सीटों को पुनर व्यवस्थित किया गया।

# अनुच्छेद 230, 231 में संशोधन करके उच्च न्यायालयों क्या क्षेत्राधिकारी को संघ राज्य क्षेत्रों पर बढ़ा दिया गया और दो से अधिक राज्यों के लिए एक उच्च न्यायालय का बंद किया गया।

3) 8 वा संविधान संशोधन(1960):-

इसके द्वारा अनुच्छेद 334 में संशोधन कर विधान मंडलों में अनुसूचित अनुसूचित जातियों अनुसूचित जनजातियों और एंग्लो इंडियन के लिए स्थानों के आरक्षण की अवधि को 10 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष तक अर्थात 1970 तक कर दिया गया ।

4) 10 वां संविधान संशोधन (1961):-

इसके द्वारा भूतपूर्व पुर्तगाली क्षेत्रों दादर एवं नगर हवेली को भारत में शामिल कर उन्हें केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया

5) 12वां संविधान संशोधन (1962):-

इसके द्वारा संविधान की प्रथम अनुसूची में संशोधन कर गोवा दमन और दीव को भारत में संघ शासित प्रदेश के रूप में शामिल किया गया।

5) 13 संविधान संशोधन (1962):-

इसके द्वारा संविधान में 371 ए जोड़ा गया और नागालैंड के संबंध में विशेष प्रावधान कर उसे एक राज्य का दर्जा दे दिया गया।

6) 16 वां संविधान संशोधन (1963):-

इसके द्वारा अनुच्छेद 19 खंड 2 3 4 में भारत की प्रभुता और अखंडता के हित में शब्दों को जोड़कर राज्य को अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार को सीमित करने की शक्ति प्रदान की गई तथा साथ ही तीसरी अनुसूची में भी परिवर्तन कर शपथ ग्रहण के अंत में “भारत की प्रभुता और अखंडता को बनाए रखूंगा” शब्दों को जोड़ा गया।

7) 22 वां संविधान संशोधन (1969):-

इससंशोधन तहत असम से अलग करके एक नया राज्य मेघालय बनाया गया।

8) 23 वां संविधान संशोधन (1969):-

इसके अंतर्गत विधान पाली गांव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण एवं एंग्लो भारतीय समुदाय के लोगों को मनोनयन और 10 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया।

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9) 26 वां संविधान संशोधन (1971):- इसे माधवराव सिंधिया बनाम भारत संघ उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय की कठिनाइयों को दूर करने के लिए पारित किया गया था।

# इस मामले में न्यायालय ने भूतपूर्व राजाओं के विशेष अधिकारों को समाप्त करने वाले राष्ट्रपति के अध्यादेश को असंवैधानिक घोषित कर दिया था।

# इस संशोधन द्वारा संविधान से अनुच्छेद 291 तथा 362 को निकाल दिया गया जो इन विषयों से संबंधित थे और एक नया अनुच्छेद 363 को जोड़कर भूतपूर्व राजाओं के प्रिवीपर्स और विशेष अधिकारों को समाप्त कर दिया गया।

10) 31 वां संविधान संशोधन (1974):- इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 85 में संशोधन कर लोकसभा के सदस्यों की संख्या 525 से बढ़ाकर 545 कर दिया गया।

11) 35 वां संविधान संशोधन (1974):- इसके तहत सिक्किम का संरक्षित राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया गया और उसे शहराचे के रूप में भारत में शामिल किया गया।

12) 36 वा संविधान संशोधन (1975):- इसके द्वारा सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान करते हुए भारत के 22 राज्य के रूप में संविधान की प्रथम अनुसूची में स्थान दिया गया और अनुच्छेद 371 च को जोड़कर इसके लिए विशेष प्रावधान किया गया।

13) 35 वा संविधान संशोधन (1975):- संशोधन द्वारा अनुच्छेद 239 क और 240 में संशोधन किया गया और अरुणाचल प्रदेश के लिए विधानसभा और मंत्री परिषद के स्थापना के लिए उपबंध किया गया।

14) 42वां संविधान संशोधन (1976):- तीसरे आपातकाल के दौरान प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार द्वारा किया गया यह संशोधन अब तक पारित सभी संशोधनों में व्यापक था इसके द्वारा संविधान में दो नए अध्याय (4-क),(14-क) और 9 नये अनुच्छेद को जोड़ा गया और 52 अनुच्छेद में संशोधन किया गया । इसकी व्यापकता के कारण इस संशोधन को लघु संविधान की संज्ञा दी जाती है।

* संविधान में भाग 4 क और अनुच्छेद 51 क जोड़कर 10 मौलिक कर्तव्यों का समावेश किया गया। (वर्तमान में मौलिक कर्तव्य की संख्या 11 है)

* लोकसभा और विधानसभाओं की अवधि को 5 से बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया गया।

* सभी विधानसभाओं और लोकसभा की सीटों की संख्या को 2001 तक के लिए स्थिर कर दिया गया।

* राष्ट्रपति पूरे देश के साथ-साथ आप देश के किसी एक भाग में भी अनुच्छेद 352 के तहत आपात की घोषणा कर सकेंगे और अनुच्छेद 356 के तहत राज्यों में आपात घोषणा के पश्चात संसद द्वारा अनुमोदन के बाद 6 महीने लागू रह सकती थी अब यह 1 वर्ष तक लागू रख सकती है।

# संविधान के प्रस्तावना में निम्न शब्द जोड़े गए पंथ निरपेक्ष और समाजवादी, संसद को लाभ के पद परिभाषित करने का अधिकार दिया गया।

15) 44 वा संविधान संशोधन (1978):-

# लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की अवधि पुनः 5 वर्ष कर दी गई।

# अनुच्छेद 74 में पुनः संशोधन का राष्ट्रपति कोई अधिकार दिया गया कि वह मंत्रिमंडल की सलाह को एक बार पुनर्विचार के लिए वापस भेज सकता है किंतु पुनः दी गई सलाह को मानने के लिए बाध्य होगा।

# संपत्ति के मूल अधिकार को समाप्त कर इसे कानूनी अधिकार बना दिया गया ।

16) 46वां संविधान संशोधन (1989):- इसके द्वारा अनुच्छेद 326 में संशोधन करके लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं के चुनाव में मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम करके 18 वर्ष कर दिया गया।

17) 52 वां संविधान संशोधन (वर्ष 1985):- संविधान में दसवीं अनुसूची को जोड़कर दलबदल पर प्रतिबंध लगाया गया

18) 71 वां संविधान संशोधन( वर्ष 1993):- आठवीं अनुसूची में मणिपुरी, नेपाली और कोंकणी भाषाओं को जोड़ा गया

19) 61 वां संविधान संशोधन (वर्ष 1989):- वोट देने की आयु 21 से घटाकर 18 की गई

20) 86 वां संविधान संशोधन (वर्ष 2002):- 14 वर्ष तक के बच्चों को राइट टू एजुकेशन प्रदान किया गया

21) 93 वां संविधान संशोधन( वर्ष 2004):- आठवीं अनुसूची में बोडो, संथाली, डोगरी एवं मैथिली को स्थान दिया गया

22) 93 वां संविधान संशोधन (वर्ष 2006):- निजी विद्यालयों में ओबीसी हेतु 27 % रिजर्वेशन

23) 100 वां संविधान संशोधन (वर्ष 2015):- भारत बांग्लादेश सीमा का निर्धारण

24) 122 वां संविधान संशोधन (वर्ष 2016):- जीएसटी(GST

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