EFFECTS OF AIR POLLUTION ON HEALTH & ITS REMEDIAL MEASURES

AIR POLLUTION
AIR POLLUTION

स्वास्थ्य पर वायु प्रदूषण के प्रभाव

 दुनिया में सालाना करीब 7000000 लोग मृत्यु का शिकार हो जाते हैं । कारखानों वाहनों का  धुँआ ,अस्वच्छ ईंधन, फैक्ट्रियों का कचरा और हानिकारक गैसें हवा की गुणवत्ता को खराब कर देती हैं जिससे वायु का प्रदूषण बढ़ जाता है।

दरअसल वायु प्रदूषण में ओजोन, सल्फर डाइऑक्साइड जैसी कई हानिकारक गैस से और महीन कण पाए जाते हैं जो हवा में मौजूद पीएम 2.5 के बहुत महीन कणों के साथ जब सांस द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं तो हमारे सभी महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा प्रभाव डालते हैं और इस कारण से हमारे महत्वपूर्ण अंगों -आंख, नाक, कान, दिल,  किडनी इत्यादि खराब होने लगता है ।

चलिए इस आर्टिकल में हम लोग वायु प्रदूषण से होने वाले प्रभाव को देखते हैं और उसके कुछ उपायों पर चर्चा करते हैं कि किस प्रकार हम आपने इन महत्वपूर्ण अंगों को बचा सकते हैं :-

1. प्रदूषण के कारण आंखों में जलन खुजली लगातार पानी आना या आंखों का लाल हो जाना जैसी समस्या बढ़ने लगती हैं । नाक से लगातार पानी बहना छींकें आना और नाक छिल जाना जैसी दिक्कतें होने लगती हैं । प्रदूषित हवा में लगातार 2 घंटे से ज्यादा रहने पर गले में खराश और सूखी खांसी परेशान करने लगती है ।

उपाय-

 * बाहर जाते समय हमेशा यूवी प्रोटेक्शन वाला चश्मा पहनें। 

*आंखों में सूखापन हुआ जलन होने पर आई ड्राप डालें ।

* साफ पानी से बार-बार आंखें धोएं भाग लेते रहें ।

*गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पिए मिश्री और सौंफ मिलाकर खाएं भोजन के बाद गुड़ जरूर खाएं ।

2. प्रदूषण त्वचा को भी काफी नुकसान पहुंचा सकता है इससे त्वचा पर असमय झुर्रियां आ जाना झाइयां पढ़ना एक्जिमा त्वचा में रूखापन सोरायसिस , मुंहासे और गंभीर हालात में स्किन कैंसर भी हो सकता है ।

उपाय- त्वचा को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए spf-50 या उससे अधिक का सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर लगाएं बाहर निकलते समय पूरी बांह के कपड़े पहने चेहरे को अच्छी तरह ढक लें बाहर से आने पर हाथ व चेहरे को अच्छी तरह धोएं ।

3. हवा के साथ प्रदूषित कारण जब नाथद्वारा सांस की नली में प्रवेश करते हैं तो सुभाष मार्ग अवरुद्ध हो जाता है जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने लगती है । खांसी सांस लेने में तकलीफ लगातार छींक आना सीने में दर्द और सांस खींचकर आने जैसी परेशानी होने लगती है जिन्हें पहले से ही साथ से जुड़े लोग हैं । उनकी समस्या इस मौसम में और बढ़ जाती हैं । लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहने से फेफड़ों का कैंसर दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ने लगता है ।

उपाय- प्रदूषण ज्यादा होने पर घर से बाहर ना निकले बाहर जाते समय N-95 मस्ताने यदि वह उपलब्ध ना हो तो मुंह पर गिरा रुमाल बांधने घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें ।दवाएं नियमित लेते रहें इनहेलर और नेबुलाइजर का प्रयोग भी करना लाभदायक होगा ।

4. डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार दुनिया भर में हर साल 17 पॉइंट 900000 लोग ह्रदय रोगों की वजह से अपनी जान गवा देते हैं जिनसे जिनमें ज्यादा लोगों की मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है। प्रदूषण से हृदय रोगों पर होने वाला असर लंबे समय तक परेशान करता है – जैसे ही ह्रदय धमनियों की अंदरूनी सतह पर वर्षा की परत जमने लगती है जो दिल की कार्य क्षमता को कम करती है साथ ही प्रदूषण के महीन कण रक्त वाहनों रक्त वाहिकाओं पर भी ब्लॉक जमा करने लगती है या जमा कर देती हैं जो दिल के दौरे के खतरे को बढ़ा देती है। वायु प्रदूषण की वजह से दिल का धमनिया जाती हैं जो हृदय की कार्यप्रणाली पर बुरा असर डालती है।

उपाय-

*हृदय रोगी ज्यादातर घर के अंदर ही रहे ।

*दवाएं समय पर ले ।

*किसी भी नशे से बचें घर में ही हल्का-फुल्का व्यायाम करें ।

*संतुलित आहार लें ।

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5. प्रदूषण का सीधा असर पेट में जलन अपेंडिक्स और आंतों में अल्सर के रूप में पाचन तंत्र पर पड़ता है विभिन्न शोधों में पाया गया है कि हवा में मौजूद नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की अत्यधिक मात्रा से पेट में लगातार दर्द और थ्रोंस नामक एक आंतों की बीमारी हो जाती है जिसका इलाज जीवन भर चलता चलता है वायु प्रदूषण आंतों में मौजूद अच्छे व्यक्तियों को बैक्टीरिया को नष्ट करने लगता है जिसे प्रतिरोधी क्षमता घटती है और पाचन क्षमता कमजोर पड़ने लगती हैं ।

उपाय- हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करें । ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें उन्हें अच्छी तरह धोकर ही खाएं ।प्रोबायोटिक आहार जरूर ले ।खासकर दही का सेवन करें ।बदहजमी करने वाली चीजों से दूर रहें ।

6. हवा में मौजूद विभिन्न प्रदूषक धूल धुआं व सांसद द्वारा हमारे रक्त में प्रवेश कर जाते हैं और किडनी को भारी नुकसान पहुंचाते हैं किडनी का मुख्य कार्य रक्त में अशुद्धियां दूर करना होता है । लेकिन जब भारी मात्रा में प्रदूषक रक्त में समा जाते हैं तो किडनी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है जिससे उसकी कार्य क्षमता कम हो जाती है विशेषज्ञ बताते हैं कि प्रदूषित हवा क्रॉनिक किडनी डिजीज (सी के डी ) के खतरे को भी बढ़ा दे सकता है यह समस्या घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशान करती है ।

उपाय-

* भीड़भाड़ वाले इलाके व फैक्ट्रियों के पास रहने से बचें हवा साफ करने वाले पेड़ पौधे लगाएं स्वस्थ आहार लें नियमित टहलें ।

* वायु प्रदूषण हड्डियों को कमजोर कर ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी का खतरा बढ़ा देता है जिसमें हड्डियों का घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है और वह कमजोर होने लगती हैं।

* शोध बताते हैं कि हवा में मौजूद महीन कण हड्डियों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं जिसकी वजह से हड्डियों में सूजन और उनका द्रव्यमान कम होने जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। यदि खाना पकाते समय साफ़ ईंधन का इस्तेमाल ना किया जाए तो भी उसके धुए से यह स्थिति पैदा हो सकती हैं ।

*आहार में कैल्शियम की मात्रा भरपूर बनाए रखें । खाना पकाने के लिए आज स्वच्छ इंजन का इस्तेमाल करें ।

7. हवा में मौजूद पीएम 2.5 जब 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सीमा को पार करने लगता है तो शुगर का खतरा बढ़ जाता है नाक की पतली कोशिका जिलों के माध्यम से पीएम 2.5 हमारे मस्तिष्क तक पहुंच जाता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बना कर ऑक्सीकारक तनाव पैदा करने लगता है जो मधुमेह का खतरा बढ़ाते हैं ।

उपाय- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ में इंसुलिन का स्तर का ध्यान रखें और लंबे समय तक खाली पेट ना रहे टहलना बिल्कुल ना छोड़े ।

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